Koi samjhae Ki Hume hua Kya he Na samajh dard e dil ki dawa Kya he Kab tak Tarsegi meri aankhe Tere Deedaar Ke Lie Ae khuda tu hi bata deedaar e sanam Ki dua Kya he Jaam agar nahi he ishq to madhoshi ka aalam kyoun he Rasme ulfat bhi tu hi sikhade sanam, ab khona Kya he or paana Kya he ,,,, Koi samjhae Ki Hume hua Kya he Written by *J N Mayyaat*
Monday, 12 October 2015
Wednesday, 7 October 2015
यूँ ही रंजिशों में गुज़रते रहे वो पल
यूँ ही रंजिशों में गुज़रते रहे वो पल कभी तू खफा तो कभी में चाहतों के मोड़ भी आते जाते रहे न कभी तू रुका न कभी में बस आग ही आग जल्ति रही दिलों में न कभी तू बुझा न कभी में न जाने वो कैसा मंज़र था आज़माइशों का न कभी तू झुका न कभी में अपनी अपनी ज़िद्द पे अड़े रहे मगर न हुआ तू जुदा न कभी में Written By: *JN Mayyaat*
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